बोरली में भागवत कथा के छठे दिन महाराज ने प्रस्तुत किया रुक्मिणी विवाह प्रसंग

सांचौर | क्षेत्र के बोरली गांव में चल रही श्रीमद् भागवत के छठे दिन कथा वाचक रामप्रसाद महाराज ने रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई। महाराज ने कहा कि रुक्मिणी कुंदरपुर के राजा भीष्मक की कन्या थी और वो स्वयं लक्ष्मी का अवतार थी।

उनके पांच भाई थे जिनमें से एक रुकमैया महान दुष्ट और अधर्मी था। रुक्मिणी श्रीकृष्ण को अपना पति मानकर आराधना करती थी। कहते हैं भगवान की ओर एक कदम बढ़ाओ तो वह भक्त को सौ कदम पास बुला लेते हैं।

इस दौरान जालोर सिरोही सांसद देवजी पटेल, जिला प्रमुख वन्नेसिंह गोहिल, सांवलाराम देवासी, हिंगलाजदान चारण, हनुमान प्रसाद भादू, नारायणसिंह बावरला, सरपंच करणसिंह, दलपतसिंह, महेन्द्रसिंह, रावतसिंह, भारताराम देवासी, मोहनपूरी, श्रवणसिंह राव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

 

 

 

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